
दिल्ली में आज संसद भवन के मकर द्वार पर राजनीति अचानक गरमा गई। विपक्षी दल बजट सत्र के दौरान तख्तियों के साथ प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे थे, तभी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू आमने-सामने आ गए।
जो मुलाकात एक औपचारिक हैंडशेक से शुरू हो सकती थी, वह कुछ ही सेकंड में शब्दों की जंग में बदल गई।
हैंडशेक से पहले ‘हैशटैग वार’
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू की ओर हाथ बढ़ाया, लेकिन बिट्टू ने हाथ आगे नहीं किया। यहीं से बात बिगड़ी।
राहुल गांधी ने बिट्टू को ‘गद्दार दोस्त’ कह दिया। जवाब में रवनीत बिट्टू ने राहुल गांधी को ‘देश का दुश्मन’ बता डाला। दोनों नेता उंगली दिखाते हुए एक-दूसरे पर तीखी टिप्पणी करते नजर आए।
संसद का गेट, सड़क की भाषा
संसद का मकर द्वार जहां संविधान की गरिमा दिखनी चाहिए, वहां आज TV डिबेट की स्क्रिप्ट लाइव शूट हो गई। हैंडशेक नहीं हुआ,
लेकिन हेडलाइन तय हो गई।

पहले भी टकरा चुके हैं राहुल और बिट्टू
यह पहली बार नहीं है जब दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी हुई हो। सितंबर 2024 में रवनीत बिट्टू ने राहुल गांधी पर सिख समुदाय को बांटने की कोशिश का आरोप लगाया था। अमेरिका में दिए गए राहुल गांधी के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी थी उस वक्त बिट्टू ने कहा था कि “सिख किसी पार्टी के बंधक नहीं हैं”
राजनीति में शब्द ही हथियार हैं
आज के घटनाक्रम ने साफ कर दिया कि 2026 के बजट सत्र में सिर्फ आंकड़े नहीं, आरोप-प्रत्यारोप भी भारी पड़ने वाले हैं। एक तरफ विपक्ष सरकार पर हमलावर है, दूसरी तरफ सत्ता पक्ष व्यक्तिगत पलटवार से पीछे नहीं।
मकर द्वार पर हुई यह नोकझोंक कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रही राजनीतिक तल्खी का ताज़ा एपिसोड है। संसद के भीतर बहस हो या बाहर बयानबाजी देश की राजनीति फिलहाल शब्दों की आग में जल रही है।
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